आद्रिक नाम का अर्थ
आद्रिक का हिंदी में अर्थ होता है पहाड़ों के बीच में उगता हुआ सूरज। आद्रिक का अर्थ सूर्योदय से भी लिया जाता है। आद्रिक नाम से भावात्मक रूप से अर्थ लिया जाता है यथा कार्य को उत्साह से करने वाला, जोशीला, आशावादी आदि। Aadrik is Hindu name and its meaining is The Rising Sun between Mountains.
आद्रिक नाम लड़कों (पु) का होता है, मतलब की यह नाम लड़कों का रखा जाता है। आद्रिक के नाम की राशि Mesh/मेष Aries (zodiac sign ) होती है। राशि चक्र में मेष
राशि प्रथम राशि होती है। मेष राशि का चिन्ह मेंढा/ पुरुष भेड़ होता है। मेष
राशि का सम्बद्ध पूर्व दिशा से होता है और मेष राशि का स्वामी गृह 'मंगल'
होता है। मेष राशि का तत्व 'अग्नि' होता है। मेष जातकों का शुभ अंक : 9
मेष जातकों का शुभ रंग : सफ़ेद
मेष जातकों का शुभ दिन : मंगलवार
मेष जातकों का शुभ रत्न : मूँगा
आद्रिक नाम की मित्र राशि मिथुन और सिंह होती है। आद्रिकमेष राशि से सबंधित नाम है। मेष राशि के लोग कार्य को फुर्ती/तेजी से करते हैं। मेष राशि से सबंध रखने के कारण आद्रिक नाम के व्यक्ति आशावादी और आत्मकेंद्रित होते हैं। आद्रिक के नाम के व्यक्ति निडर और झुझारू स्वभाव के होते हैं और शीघ्र हार नहीं मानते हैं। आद्रिक नाम के व्यक्ति चूँकि मेष राशि से सबंधित होते हैं इसलिए ये बहुमुखी प्रतिभा के धनी, जिंदादिल होते हैं। मेष राशि के लोग जहाँ उपरोक्त गुणों को धारण करते हैं वहीँ पर आद्रिक नाम के व्यक्ति मेष राशि के प्रभाव के कारण ज़िद्दी, अनुशासन को कम मानने वाले और दूसरों से अधिक अपेक्षा रखने वाले होते हैं।
आद्रिक नाम के व्यक्ति गुसैल और कुछ चिड़चिड़े होते हैं। आद्रिक नाम के व्यक्ति की राशि मेष होने के कारण इनको मंगल इनके स्वामी होते हैं इसलिए (जिनका जन्म 30 मार्च से 8 अप्रैल के मध्य हो ) भगवान शिव की पूजा आराधना सर्वोत्तम मानी जाती हैं। भगवान शिव आसानी से अपने भक्तों पर दया करते हैं, और इनकी पूजा अर्चना भी क्लिष्ट नहीं होती है। वैसे जन्म के लग्न के मुताबिक़ यह तय होता है की आपको किस देव की पूजा करनी चाहिए। लेकिन वृहद स्तर पर ॐ नम: शिवाय’ मन्त्र मेष राशि के व्यक्तियों के लिए कल्याणकारी होता है। 20 मार्च से 18 अप्रैल के मध्य जन्म लेने वाले मेष राशि से सबंधित व्यक्तियों के लिए ॐ गं गणाधिपतये नत:’ मन्त्र शुभ रहता है। इस प्रकार मेष राशि के व्यक्तियों को अपने मूलाक्षर, जन्मतिथि के अनुसार श्री गणेश, श्री शिव एवं श्री विष्णु जी की पूजा करके अभीष्ट को प्राप्त करना हितकर होता है।